पाठ 8 — सत्रिया और बिहू नृत्य
अध्याय-अध्ययन: भारत की सांस्कृतिक विविधता और असम की नृत्य परंपराओं पर केंद्रित पाठ।
💃 पाठ का सार
पाठ सत्रिया और बिहू जैसी असम की प्रमुख नृत्य परंपराओं के माध्यम से भारतीय संस्कृति की विविधता को समझाता है। सत्रिया की जड़ें वैष्णव परंपरा और मठों से जुड़ी हैं, जबकि बिहू असम के लोकजीवन, कृषि-चक्र और उत्सवों से गहराई से जुड़ा है। दोनों नृत्य संगीत, वेशभूषा, लय और सामुदायिक परंपरा के माध्यम से संस्कृति को जीवित रखते हैं।
🌏 तुलना
| सत्रिया | बिहू |
|---|---|
| शास्त्रीय नृत्य परंपरा | लोक नृत्य परंपरा |
| वैष्णव/सत्र परंपरा से जुड़ा | असम के लोकजीवन और कृषि-उत्सव से जुड़ा |
📚 शब्दार्थ
- परंपरा — पीढ़ियों से चली आ रही रीति
- लोकनृत्य — जनजीवन से जुड़ा नृत्य
- शास्त्रीय — नियमबद्ध कला-परंपरा
- वेशभूषा — पहनावा
- संस्कृति — समाज की जीवन-पद्धति और विरासत
❓ महत्वपूर्ण प्रश्न
- सत्रिया नृत्य की प्रमुख विशेषता क्या है?
- बिहू नृत्य असम के जीवन से कैसे जुड़ा है?
- दोनों नृत्य भारतीय सांस्कृतिक विविधता को कैसे दिखाते हैं?
- लोक और शास्त्रीय नृत्य में एक अंतर लिखिए।
🧠 HOTS
- कला किसी समुदाय की पहचान को कैसे सुरक्षित रखती है?
- यदि पारंपरिक कलाएँ नई पीढ़ी तक न पहुँचें तो क्या प्रभाव होगा?
🧩 MCQs
- सत्रिया किस प्रकार की कला-परंपरा है? A. शास्त्रीय नृत्य B. खेल C. चित्रकला D. वास्तुकला
- बिहू किस राज्य की प्रमुख सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा है? A. असम B. गुजरात C. पंजाब D. केरल
उत्तर: 1-A, 2-A
📄 कार्यपत्रिका
- सत्रिया और बिहू की तुलना तालिका बनाइए।
- असम की संस्कृति पर 120 शब्द लिखिए।
- दो प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
- एक पारंपरिक कला पर प्रस्तुति तैयार कीजिए।
