पाठ 7 — जलाते चलो
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📖 सार और केंद्रीय भाव
कविता का मूल संदेश अंधकार और कठिनाइयों के बीच आशा, प्रकाश, साहस और निरंतर प्रयास को आगे बढ़ाना है। कवि व्यक्ति को अपने छोटे-से प्रयास से भी समाज में सकारात्मक परिवर्तन का प्रकाश फैलाने के लिए प्रेरित करता है।
💡 मुख्य बिंदु
- आशा और सकारात्मकता बनाए रखना।
- कठिन परिस्थितियों में प्रयास जारी रखना।
- ज्ञान और अच्छे कर्मों को प्रकाश के रूप में देखना।
- अपने प्रयास से दूसरों के जीवन में भी रोशनी लाना।
📚 शब्दार्थ
- अंधकार — प्रकाश का अभाव
- प्रकाश — रोशनी
- ज्योति — दीप/रोशनी
- प्रयास — कोशिश
- आशा — उम्मीद
❓ महत्वपूर्ण प्रश्न
- कविता का मुख्य संदेश क्या है?
- ‘जलाते चलो’ में प्रकाश किसका प्रतीक माना जा सकता है?
- कठिन परिस्थितियों में आशा क्यों आवश्यक है?
- कविता की सीख को विद्यार्थी अपने जीवन में कैसे लागू कर सकता है?
🧠 HOTS
- क्या एक छोटा सकारात्मक कार्य बड़े बदलाव की शुरुआत कर सकता है? उदाहरण दीजिए।
- ‘प्रकाश’ को ज्ञान और अच्छे कर्मों से जोड़कर समझाइए।
🧩 MCQs
- कविता का प्रमुख भाव है — A. आशा और प्रयास B. भय C. आलस्य D. क्रोध
- ‘प्रकाश’ का प्रतीकात्मक अर्थ हो सकता है — A. ज्ञान और सकारात्मकता B. भ्रम C. निराशा D. मौन
उत्तर: 1-A, 2-A
📄 कार्यपत्रिका
- कविता का सार लिखिए।
- पाँच शब्दों के अर्थ लिखिए।
- चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
- ‘मैं अपने आसपास प्रकाश कैसे फैला सकता/सकती हूँ?’ पर 100 शब्द लिखिए।
